पश्चिमी हिमालय में अगले 7 दिन तक बारिश-हिमपात की संभावना, IMD ने जारी किया चेतावनी

पश्चिमी हिमालय में अगले 7 दिन तक बारिश-हिमपात की संभावना, IMD ने जारी किया चेतावनी

अगर आप पश्चिमी हिमालयभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

चीजें थोड़ी उलझन भरी भी हैं। सोशल मीडिया पर 'येलो अलर्ट' की चर्चा तेज है, लेकिन IMD के आधिकारिक स्रोतों में किसी रंग-कोडित अलर्ट का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। फिर भी, वैज्ञानिक डेटा स्पष्ट कह रहा है कि मौसम अब बदलने वाला है। आइए जानते हैं कि वास्तव में क्या हो रहा है और इसका असर कहाँ पड़ेगा।

तीन पश्चिमी विक्षोभों का प्रभाव: मौसम क्यों बदल रहा है?

मौसम विज्ञान में 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) शीत ऋतु में भारत में बारिश और हिमपात का मुख्य कारण होता है। IMD के एक आधिकारिक ब्रीफिंग में बताया गया है कि वर्तमान में एक विक्षोभ सक्रिय है और दो और आने वाले हैं। इस त्रिवंश प्रभाव के कारण अगले सात दिनों तक पश्चिमी हिमालय में बारिश और हिमपात रह सकता है।

विशेष रूप से, डॉ. नरेश कुमार, Scientist - F at IMD और अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, कश्मीर घाटी में 22 और 23 तारीख को भारी बारिश और भारी हिमपात की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 23 तारीख को भी भारी हिमपात की उम्मीद जताई गई है। लद्दाख और अन्य क्षेत्रों में मध्यम स्तर की बारिश और हिमपात दर्ज होने की संभावना है।

दिल्ली-NCR और मैदानी इलाकों के लिए क्या है खबर?

पहाड़ों की तरह ही मैदानी इलाकों का मौसम भी अस्थिर रहेगा। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन तापमान में उछाल आएगा। अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रह सकता है। 6 और 7 मार्च को यह तापमान 33°C से 35°C तक पहुंच सकता है, जो उस समय के लिए सामान्य से काफी ज्यादा है।

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी भागों—विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और राजस्थान—में 22 जनवरी से 25 जनवरी की अवधि के दौरान छिटपुट स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। साथ ही, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले दो से तीन दिनों में घने से अति घने कोहरे की स्थिति देखने को मिल सकती है।

तापमान में उछाल और सूखा का खतरा

तापमान में उछाल और सूखा का खतरा

बारिश की खबरों के बीच एक चिंताजनक पहलू यह है कि देश के कई हिस्सों में गर्मी बढ़ रही है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4°C से 6°C तक अधिक रहने का अनुमान है। मध्य भारत में यह वृद्धि 2°C से 4°C तक होगी। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश में अगले तीन दिनों में तापमान 2°C से 3°C तक बढ़ सकता है।

पर्यावरण पत्रिका 'डाउन टू अर्थ' की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मार्च माह में हुई बारिश सामान्य से 95 प्रतिशत तक कम रिकॉर्ड की गई है। इसका सीधा असर जंगलों में आग लगने के खतरे पर पड़ रहा है। बढ़ते तापमान और कम बारिश के कारण वनआग्निक खतरा बढ़ गया है।

'येलो अलर्ट' की पुष्टि नहीं, लेकिन सावधानी बरतें

'येलो अलर्ट' की पुष्टि नहीं, लेकिन सावधानी बरतें

यहाँ एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जरूरी है। उपलब्ध सभी आधिकारिक स्रोतों, वीडियो बुलेटिन और IMD की वेबसाइट में पश्चिमी हिमालय के लिए वर्षा संबंधी किसी रंग-कोडित "येलो अलर्ट" का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए, यह दावा कि IMD ने विशेष रूप से 'येलो अलर्ट' जारी किया है, उपलब्ध जानकारी से पुष्ट नहीं होता।

हालांकि, IMD ने मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए अगले 3-4 दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति की चेतावनी जारी की है। यह तापमान से जुड़ी चेतावनी है, बारिश से नहीं। इसलिए, नागरिकों को IMD की आधिकारिक वेबसाइट या उनके YouTube चैनल पर दी गई अपडेट्स पर ध्यान देना चाहिए, न कि सोशल मीडिया की अफवाहों पर।

Frequently Asked Questions

क्या IMD ने पश्चिमी हिमालय के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है?

नहीं, उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों में पश्चिमी हिमालय के लिए वर्षा संबंधी किसी रंग-कोडित "येलो अलर्ट" का उल्लेख नहीं है। IMD ने बारिश और हिमपात की संभावना बताई है, लेकिन विशिष्ट अलर्ट रंग की घोषणा नहीं की गई है।

कश्मीर घाटी में भारी हिमपात कब होगा?

IMD के अनुसार, कश्मीर घाटी में 22 और 23 तारीख को भारी बारिश और भारी हिमपात की संभावना है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में 23 तारीख को भी भारी हिमपात की उम्मीद है।

दिल्ली में अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा?

दिल्ली और NCR में मौसम साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन तापमान बढ़ सकता है। अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रह सकता है, जबकि 6-7 मार्च को यह 33°C से 35°C तक पहुंच सकता है।

पंजाब और हरियाणा में कोहरा कब तक रहेगा?

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले दो से तीन दिनों में घने से अति घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।

हिमालयी राज्यों में बारिश कम होने का क्या असर पड़ रहा है?

मार्च माह में बारिश सामान्य से 95% तक कम रही है, जिसके कारण हिमालय के जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। सूखा और बढ़ता तापमान इस खतरे को और गंभीर बना रहा है।